शराब के नशे में छात्राओं के हॉस्टल के बाहर पहुंचे जूनियर डॉक्टर, जमकर मचाया हंगामा

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अमृतसर। सरकारी मेडिकल कालेज में कार्यरत आधा दर्जन जूनियर डॉक्टरों ने शराब के नशे में जमकर हुड़दंग मचाया। ये डॉक्टर गाड़ी पर सवार होकर कॉलेज कैंपस में घूमते रहे और फिर लड़कियों के हॉस्टल के बाहर हंगामा करने लगे। नशे के खिलाफ लोगों को संदेश देने वाले इन डॉक्टरों ने शराबी हालत में अपने ही एक साथी से गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। घटना के बाद हॉस्टल की लड़कियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कालेज की प्रतिष्ठा से जुड़े इस घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए प्रिंसिपल डॉ. तेजबीर सिंह ने छह जूनियर डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी है।

ये छह जूनियर डॉक्टर शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी पर घूम रहे थे। कॉलेज कैंपस के चक्कर काटते हुए शोर भी मचा रहे थे। इसी दौरान इन्होंने लड़कियों के हॉस्टल के बाहर गाड़ी रोक दी और जोर-जोर से चिल्लाने लगे। इससे भी मन न भरा तो हॉस्टल के निकट से गुजर रहे अपने ही साथी डॉक्टर को पीट डाला। जूनियर डॉक्टरों की इस करतूत की भनक लगते ही कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर मौके पर पहुंचे। पिटाई से घायल इस जूनियर डॉक्टर को तत्काल गुरुनानक देव अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में दाखिल करवाया गया। इस डॉक्टर ने भी शराब पी रखी थी।

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. तेजबीर सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया और छात्रों के बयान लिए। प्रिंसिपल ने इन जूनियर डॉक्टरों के अभिभावकों को भी कॉलेज में तलब कर लिया है। कार्रवाई करते हुए इन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया है। डॉ. तेजबीर सिंह ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है। ये सभी जूनियर डॉक्टर सी ब्लॉक हॉस्टल में रहते हैं। उन्होंने जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. जसवंत राय की अगुवाई में डॉक्टरों की एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी एक सप्ताह के भीतर उन्हें रिपोर्ट सौंपेगी।

शर्मसार हरकत

मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर रोक लगने के बाद जूनियर डॉक्टरों द्वारा की गई यह हरकत शर्मसार करने वाली है। वर्ष 2015 में कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों ने जूनियर्स पर रैगिंग के नाम पर तरह तरह के हथकंडे अपनाए थे। ये रैगर्स पूरी रात जूनियर के साथ रैगिंग का घिनौना खेल खेलते रहे।

कॉलेज प्रशासन ने तब रैगिंग करने वाले छात्रों को कॉलेज से निष्कासित कर दिया था। साथ ही कड़ा आदेश जारी किया था कि रैगिंग करने वालों के साथ सख्ती से निबटा जाएगा। हालांकि तब से लेकर आज तक कॉलेज में रैगिंग की घटना तो नहीं हुई, पर जूनियर डॉक्टरों ने अपनी घटिया हरकत से कॉलेज की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है।

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