अब धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर गंदगी से नहीं होना पड़ेगा शर्मसार

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विश्व पटल पर अपने धार्मिक व पर्यटन स्थलों से जानी जाती गुरु नगरी को अब गंदगी की वजह से शर्मसार नहीं होना पड़ेगा। नगर निगम के नवनियुक्त सेहत अधिकारी डॉ. राजू चौहान ने आज पद संभालते ही इस बाबत मोर्चा संभाल लिया है। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों व सेनेटरी इंस्पेक्टरों के साथ अपनी पहली ही बैठक में शहर के साफ-सफाई को लेकर उन्होंने अपने तेवर स्पष्ट कर दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर के सभी धार्मिक व पर्यटन स्थल पहल के आधार पर गंदगी मुक्त होंगे और इस मामले में ढील बरतने वाले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण में गुरुनगरी के 258वें पायदान पर पहुंच जाने पर ¨चता व्यक्त करते हुए कहा कि जब पूर्व में उन्होंने निगम के सेहत अधिकारी का चार्ज संभाला था तो स्वच्छता के मामले में हमारा नंबर 300वां था। विभागीय टीम के कड़े प्रयासों के बाद हम 30वें नंबर पर आ गए थे। लेकिन एकाएक फिर से इतना पिछड़ना सबके लिए ¨चतनीय है। इस बाबत कड़े प्रयास करते हुए गुरुनगरी को स्वच्छता के मामले में टॉप 10 शहरों में शामिल किया जाएगा। इसे लेकर निगम का सेहत विभाग तो प्रयास करेगा ही, वहीं लोगों से भी सहयोग की अपील की जाएगी कि वे भी शहर को गंदा न करें। साफ-सुथरा बनाने में निगम को सहयोग दे। इतना ही नहीं स्वाइन फ्लू व मलेरिया की दस्तक से पहले ही शहर में फा¨गग और स्प्रे को यकीनी बनाने के लिए भी मलेरिया विभाग के अधिकारियों को कहा दिया गया है।

इस अवसर पर चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर अमर ¨सह, निर्भय ¨सह, गुरबंस ¨सह, चंचल ¨सह, जेपी ¨सह, सेनेटरी इंस्पेकटर सरबजीत ¨सह, राकेश मरवाहा, गुरसेवक नागी, सतनाम ¨सह, विजय गिल, म¨नदर पाल ¨सह, शाम ¨सह, र¨वदर कुमार, ज¨तदर कुमार, दिलबाग ¨सह आदि उपस्थित थे।

पार्क व चौक-चौराहे भी टारगेट पर

डॉ. चौहान ने चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों व सेनेटरी इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए कि वे बागवानी विभाग के साथ तालमेल करके पार्कों की सफाई का शेड्यूल तैयार करें। हर महीने में एक पार्क में पूरा अमला लगाकर उसकी साफ-सफाई करवाई जाए और फिर नियमित रूप से उनकी सफाई पर ध्यान दिया जाए। इसी तरह शहर के चौक चौराहों को लेकर भी साप्ताहिक शेड्यूल बनाया जाए। इसमें चौक-चौराहे साफ करने के अलावा वहां लगी हुई शहीदों की प्रतिमाओं की सफाई को भी यकीनी बनाया जाए।

आवारा जानवरों से मिलेगी निजात

डॉ. चौहान ने कहा कि आवारा जानवरों के आतंक से भी शहरवासियों को निजात दिलवाने में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। सड़कों पर दुर्घटनाओं को कारण बन रहे आवारा जानवरों को गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा। आतंक का पर्याय बनने हुए आवारा कुत्तों के नसबंदी के अभियान का भी रिव्यू करते हुए उसे दोबारा शुरू करवाया जाएगा।

डेथ-बर्थ विभाग की खुद करेंगे मॉनीटर

डेथ व बर्थ विभाग में आए दिन सामने आ रही अनियमितताओं को कड़ाई से निपटने का डॉ. चौहान ने मन बनाया है। उन्होंने कहा कि वे खुद विभाग की मॉनीट¨रग करेंगे और वहां आने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए, इसे यकीनी बनाया जाएगा। इतना ही नहीं विभाग का समय-समय पर रिव्यू भी किया जाएगा, ताकि विभाग से लोगों को मिलने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।

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